Skip to main content

भौतिक राशियाँ व उनके SI मात्रक | भौतिक राशियां, मानक एवं मात्रक | भौतिक राशियाँ, मानक एवं उनके मात्रको की सूची | भौतिक राशि के प्रकार।मूल राशियाँ एवं उनके प्रकार | What is Physical Quantity & it's Types |

नमस्कार दोस्तों, 




                     आज का Topic सबसे महत्वपूर्ण है जो Physics subject से रिलेटेड है जिसमे आपको भौतिक राशियां एवं उनके S.i. मात्रक के बारे में बताया जा रहा है । जिसे आप आसानी से समझ जाएंगे और आपको भौतिक राशियां से रिलेटेड किसी भी तरह की परेशानी या समस्या 🤔 नही आएगी । आप इसे Read करके बहुत ही अछि जानकरी प्राप्त कर सकेंगे। 

और भौतिक राशियां और उनके S.I. मात्रक से releted FAQ quetion भी इस Topic में बताया गया है जिससे आपको किसी भी तरह की समस्या नही होगी।और यह FAQ quetion हर तरह की Exam में पूछे जाते है जो बहुत ही Importante है ।
तो चलिये आपको इस टॉपिक के बारे में जानकारी देता हूं।

भौतिक राशियाँ, मानक एवं मात्रको की सूची: (Physical Quantities and their units in Hindi)


* भौतिक राशियाँ किसे कहते है? What is Physical quantity.


भौतिक राशियाँ 


 : वे सभी राशियाँ जिन्हें हम एक संख्या द्वारा व्यक्त कर सकते हैं तथा प्रत्यक्ष रूप से माप सकते हैं । उन्हें हम भौतिक राशियाँ कहते हैं । जैसे—वस्तु का द्रव्यमान, लम्बाई, बल, चाल, दूरी, विद्युत् धारा, घनत्व आदि।


भौतिक राशियाँ एवं उसके प्रकार

भौतिक राशियाँ एवं उसके प्रकार


भौतिक राशियाँ कितने प्रकार की होती है? Physical quantity types .

भौतिक राशियों को दो वर्गों में बाँटा जा सकता है:

  1. अदिश (Scalar) राशियाँ।

  1. सदिश (vector) राशियाँ।


1. अदिश राशियाँ: वैसी भौतिक राशियाँ जिनमें केवल परिमाण (magnitude) होता है, दिशा (direction) नहीं होती है, उन्हें अदिश राशि कहते हैं। जैसे- द्रव्यमान, घनत्व, तापमान, विद्युत् धारा, समय, चाल, आयतन, कार्य आदि।


2. सदिश राशियाँ: वैसी भौतिक राशियाँ जिनमें परिमाण के साथ-साथ दिशा भी होती है और जो योग के निश्चित नियमों के अनुसार जोड़ी जाती हैं, उन्हें सदिश राशि कहते हैं। जैसे- वेग, विस्थापन, बल, संवेग, त्वरण, बल आघूर्ण, विद्युत् तीव्रता आदि।


* मापन किसे कहते है? What is measurements.

मापन (Measurement): वह प्रक्रिया जिसमें हम यह पता करते हैं कि कोई दी हुई राशि किसी मानक राशि का कितने गुना हैं, मापन कहलाता है। ऊपर के चित्र को यदि आप ध्यान पूर्वक देखेंगे तो आप पायेंगे की 1 मीटर यदि मानक है, तो इस मानक से यदि पेड़ की तुलना की जाए तो आप पायेंगे कि पेड़ की लम्बाई इस मानक से 4 गुनी है | अब हम कह सकते हैं कि किसी भौतिक राशि का मान ज्ञात करने के लिए किसी मानक से तुलना करना ही मापन है।


* मात्रक किसे कहते है? What is Unit.

मात्रक (Unit): किसी भौतिक राशि के एक नियत परिमाण को मानक (Standard) मान लिया जाता है तथा इस पर परिणाम का संख्यात्मक मान 1 माना जाता है। इस मानक के नाम को उस राशि का मात्रक कहते हैं।

मापन पद्धति एवं मूल मात्रक
मापन पद्धति एवं मूल मात्रक

माप के मात्रक/इकाई (Unites of Measurement): किसी भी राशि की माप करने के लिए उसी राशि के एक परिमाण को मानक मान लिया जाता है और उसे कोई नाम दे दिया जाता है। इसी को उस राशि का मात्रक कहते हैं।

मात्रक के प्रकार:

मात्रक दो प्रकार के होते हैं:- (i) मूल मात्रक (ii) व्युत्पन्न मात्रक।

  • मूल मात्रक/इकाई: किसी भौतिक राशि को व्यक्त करने के लिए कुछ ऐसे मानकों का प्रयोग किया जाता है, जो अन्य मानकों से स्वतंत्र होते हैं, इन्हें मूल मात्रक कहते हैं। जैसे- लम्बाई, समय और द्रव्यमान के मात्रक क्रमशः मीटर, सेकेण्ड एवं किलोग्राम मूल मात्रक हैं।

  • व्युत्पन्न मात्रक/इकाई: किसी भौतिक राशि को जब दो या दो से अधिक मूल इकाईयों में व्यक्त किया जाता है, तो उसे व्युत्पन्न इकाई कहते हैं। जैसे- बल, दाब, कार्य एवं विभव के लिए क्रमशः न्यूटन, पास्कल, जूल एवं वोल्ट व्युत्पन्न मात्रक हैं।


मात्रक पद्धतियां (System of Unites): भौतिक राशियों के मापन के लिए निम्नलिखित चार पद्धतियां प्रचलित हैं:-

  • CGS पद्धति (Centimetre Gram Second System): इस पद्धति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय का मात्रक क्रमशः सेंटीमीटर, ग्राम और सेकेण्ड होता है। इसलिए इसे Centimetre Gram Second या CGS पद्धति कहते हैं। इसे फ्रेंच या मीट्रिक पद्धति भी कहते हैं।

  • FPS पद्धति (Foot, Pound, Second System): इस पद्धति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय का मात्रक क्रमशः फुट, पाउण्ड और सेकेण्ड होता है। इसे ब्रिटिश पद्धति भी कहते हैं।

  • MKS पद्धति (Metre Kilogram Second System): इस पद्धति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय का मात्रक क्रमशः मीटर, किलोग्राम और सेकेण्ड होता है।

  • अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति (International System of Units or S.I. Units): 1960 ई. में अंतर्राष्ट्रीय माप-तौल के अधिवेशन में SI को स्वीकार किया गया जिसका पूरा नाम de Systeme International d’ Units है। 

SI के सात मूल मात्रक निम्न हैं:

  1. लम्बाई का मूल मात्रक ‘मीटर’: SI unit में लम्बाई का मूल मात्रक मीटर है। 1 मीटर वह दूरी है, जिसे प्रकाश निर्वात में 1/299792458 सेकेण्ड में तय करता है।
  2. द्रव्यमानका मूल मात्रक ‘किलोग्राम’: फ्रांस के सेवरिस नामक स्थान पर माप-तौल के अंतर्राष्ट्रीय माप तौल ब्यूरो में सुरक्षित रखे प्लेटिनम-इरीडियम मिश्रधातु के बने हुए बेलन के द्रव्यमान को मानक किलोग्राम कहते हैं। इसे संकेत में किग्रा. (Kg) लिखते हैं।
  3. समयका मूल मात्रक ‘सेकेण्ड’: सीजियम-133 परमाणु की मूल अवस्था के दो निश्चित ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण से उत्पन्न विकिरण के  आवर्तकालों की अवधि को 1 सेकेण्ड कहते हैं।
भौतिक राशियाँ एवं व्युत्पन्न मात्रक
भौतिक राशियाँ एवं व्युत्पन्न मात्रक


  1. विद्युत्-धारा का मूल मात्रक ‘ऐम्पियर’: यदि दो लम्बे और पतले तारों को निर्वात में 1 मीटर की दूरी पर एक-दूसरे के सामानांतर रखा जाए और उनमें ऐसे परिमाण की सामान विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए जिससे तारों के बीच प्रति मीटर लम्बाई में 2 x 10-7 न्यूटन का बल लगने लगे तो विद्युत् धारा के उस परिमाण को 1 ऐम्पियर कहा जाता है। इसका प्रतीक A है।
  2. तापका मूल मात्रक ‘केल्विन’: जल के त्रिक बिंदु (triple point) के उष्मागतिक ताप के 1/273.16 वें भाग को केल्विन कहते हैं। इसका प्रतीक K होता है।
  3. ज्योति-तीव्रता का मूल मात्रक ‘कैण्डेला’: किसी निश्चित दिशा में किसी प्रकाश स्रोत की ज्योति-तीव्रता 1 कैण्डेला तब कही जाती है, जब यह स्रोत उस दिशा में 540 x 1012 हर्ट्ज़ का तथा 1/ 683 वाट/स्टेरेडियन तीव्रता का एकवर्णीय प्रकाश उत्सर्जित करता है।

नोट: यदि घन कोण के अन्दर प्रति सेकेण्ड 1 जूल प्रकाश प्रकाश उर्जा उत्सर्जित हो, तो उसे 1 वाट/स्टेरेडियन कहते हैं।

  1. पदार्थ की मात्रा का मूल मात्रक ‘मोल’: एक मोल, पदार्थ की वह मात्रा है, जिसमें उसके अवयवी तत्वों (परमाणु, अणु,……. आदि) की संख्या 6.023 x 1023 होती है। इस संख्या को ऐवोगाड्रो नियतांक कहते हैं।

SI के दो सम्पूरक मात्रक निम्न हैं:


  1. रेडियन:किसी वृत्त की त्रिज्या के बराबर लम्बाई के चाप द्वारा उसके केंद्र पर बनाया गया कोण एक रेडियन होता है। इस मात्रक का प्रयोग समतल पर बने कोणों (plane angles) को मापने के लिए किया जाता है।

  1. स्टेरेडियन:किसी गोले की सतह पर उसकी त्रिज्या के बराबर भुजा वाले वर्गाकार क्षेत्रफल द्वारा गोले के केंद्र पर बनाए गए घन कोण को 1 स्टेरेडियन कहते हैं। यह ठोस कोणों (solid angles) को मापने का मात्रक है।
मूल मात्रक (Fundamental Units)
भौतिक राशिSI मात्रक एवं प्रतीक
लम्बाईमीटर (m)
द्रव्यमानकिलोग्राम (Kg)
समयसेकेण्ड (s)
विद्युत् धाराऐम्पियर (A)
तापकेल्विन (K)
ज्योति-तीव्रताकैण्डेला (cd)
पदार्थ की मात्रामोल (mol)
सम्पूरक कोण (Supplementary Units)
समतल कोणरेडियन (rad)
ठोस कोणस्टेरेडियन (sr)

कुछ प्रमुख व्युत्पन्न मात्रक
भौतिक राशिSI मात्रक
क्षेत्रफलm2
आयतनm3
घनत्वKg/m3
चालm/s
वेगm/s
त्वरणm/s2
बलKgm/s2 = N
संवेगKgm/s
आवेगN.s
दाबN/m2
कार्य या ऊर्जाNm = Joule
शक्तिJ/s = Watt


कुछ अन्य महत्वपूर्ण मात्रक:

अत्यधिक लम्बी दूरियों को मापने में प्रयोग किये जानेवाले मात्रक:-

मापन से सम्बंधित FAQ
मापन से सम्बंधित FAQ

1. खगोलीय इकाई (Astronomical Unit- A.U.): सूर्य और पृथ्वी के बीच की माध्य दूरी ‘खगोलीय इकाई’ कहलाती है।

1 A.U. = 1.495 x 1011मीटर

2. प्रकाशवर्ष (Light Year): एक प्रकाश वर्ष निर्वात में प्रकाश द्वारा एक वर्ष में चली गयी दूरी है।

1 ly = 9.46 x 1015 मीटर

3. पारसेक: यह दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है।

1 पारसेक  = 3.08 x 1016 मीटर

लम्बाई/दूरी के मात्रक
1 किलोमीटर= 1000 मीटर
1 मील= 1.60934 किलोमीटर
1 नाविक मील=  1.852 किलोमीटर
1 खगोलीय इकाई=  1.495 x 1011 मीटर
1 प्रकाश वर्ष=  9.46 x 1015 मीटर = 48612 A.U
1 पारसेक=  3.08 x 1016 मीटर = 3.26 ly

द्रव्यमान के मात्रक
1 औंस= 28.35 ग्राम
1 पाउण्ड= 16 औंस = 453.52 ग्राम
1 किलोग्राम= 2.205 पाउण्ड = 1000 ग्राम
1 क्विंटल= 100 किलोग्राम
1 मीट्रिक टन= 1000 किलोग्राम

समय के मात्रक
1 मिनट= 60 सेकेण्ड
1 घंटा=  60 मिनट = 3600 सेकेण्ड
1 दिन=  24 घंटे
1 सप्ताह= 7 दिन
1 चन्द्र मास=  4 सप्ताह = 28 दिन
1 सौर मास=  30 या 31 दिन (फरवरी 28 या 29 दिन)
1 वर्ष=  13 चन्द्र मास 1 दिन = 12 सौर मास = 365  दिन
1 लीप वर्ष=  366 दिन

क्षेत्रफल के मात्रक
1 एकड़=  4840 वर्ग गज

= 43560 वर्ग फुट

= 4046.94 वर्ग मीटर

1 हेक्टेयर= 2.5 एकड़
1 वर्ग किलोमीटर= 100 हेक्टेयर
1 वर्ग मील= 2.6 वर्ग किलोमीटर

= 256 हेक्टेयर

= 640 एकड़

आयतन के मात्रक
1 लीटर= 1000 घन सेंटीमीटर = 0.2642 गैलन
1 गैलन=  3.785 लीटर


प्रमुख प्रतियोगी परिक्षाओ में मापन से पूछे गये महत्‍वपूर्ण प्रश्‍न: FAQ 

  1. मीट्रिक टन में 10 क्विटल होते है।
  2. 1 पिको सेकण्‍ड =10^(-12) सेकण्‍ड होते है।
  3. 1 पाउण्‍ड में 0.4536किलोग्राम होते है।
  4. चन्‍द्रशेखर सीमा का प्रयोग तारों का द्रव्‍यमान प्रदर्शित करने में किया जाता है।
  5. 1 डिग्री 60 मिनट के बराबर होता है।
  6. आपेक्षिक घनत्‍व =(पदार्थ का घनत्‍व )/(4 डिग्री सेल्सियस पर जल का घनत्‍व @)
  7. आपेक्षिक घनत्‍व की कोई इकाई नहीं होती है।
  8. अमीटर का प्रयोग विधुतधारा की तीव्रता नापने वाला यंत्र है।
  9. अल्‍टीमीटर का प्रयोग उडते हुए विमान की ऊँचाई नापने का यंत्र है।
  10. एक्टिनोमीटर का प्रयोग सूर्य किरणों की तीव्रता मापने की यंत्र है।
  11. टेप रिकोर्डर की टेप पर फेरोमैग्‍निटिक चूर्ण का लेप किया जाताहै।
  12. घडी में स्‍फटिक क्रिस्‍टल का कार्य दाब विद्युत प्रभाव पर आधारित होता है।
  13. सिनेमैटोग्राफ द्रष्टिबंधन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
  14. टेलीविजन का आविस्‍कार जे एल वेयर्ड ने किया था।
  15. लेजर का आविष्‍कार थियोडर मेमैन ने किया था।
  16. रिवाल्‍वर का आविष्‍कार सैमुअल कोल्‍ट ने किया था।
  17. रेडार की खोज राबर्ट वाटसन वाट ने की थी।
  18. फैदोमीटर उपकण समुद्र की गहराई मापने वाला यंत्र है।
  19. हाइड्रोमीटर का प्रयोग द्रवों का आपेक्षिक घनत्‍व मापता है।
  20. राष्ट्रिय भौतिक प्रयोगशाला नई दिल्‍ली मे स्थित है।
  21. मैनोमीटर गैसो का दाब मापने वाला यंत्र है।
  22. प्रकाश के‍ प्रकीर्णन का नियम सी वी रमन ने प्रतिपादित किया था।
  23. राष्ट्रिय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है।
  24. श्‍यानता की इकाई प्‍वाइज होती है।
  25. 1 बैरल मे 159 लीटर होते है।
 
आपको इस Post में भौतिक राशियां एवं उसके S. I. मात्रक के बारे में समस्त जानकरी दी गई है जिसे आप बहुत ही आसानी से समझ पाए होंगे । आपको यह Post केसी लगी है हमे Comment करके बताये और आपको इस Post से releted कोई समस्या हो तो वो आप Comment Box में Comment करके पुछ सकते हो।

 इसके अलावा भी आपको Hindi Grammer, Tourism, Technology एवं Motivational Story  भी पढ़ना हो तो हमारे Blogger के विभिन्न label को जरूर पढ़े।
‌
‌      धन्यवाद 👍

Comments

Popular posts from this blog

Games Name in Hindi. भारत के प्रमुख खेलों के नाम।

Hello Friends ,                 प्रसिद्ध खेलों के नाम Games Name In Hindi- यह आर्टिकल  Games Name In Hindi  खेलों के नाम (Sports Name In Hindi) और उनके बारे में सामान्य जानकारी पर है। दुनिया में कई प्रकार के गेम्स है जो व्यापक स्तर पर खेले जाते है। खेलों से मानसिक और शारीरिक विकास होता है। खेल इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के होते है। खेलों में टीम या व्यक्तिगत स्पर्धा भी होती है। तो आइए कुछ प्रसिद्ध गेम के नाम (Games Ke Naam) जानने का प्रयास करते है। खेलों के नाम Games Name In Hindi भारत के प्रमुख खेलों के नाम 1.   फुटबॉल   (Football) – यह दुनिया का सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल है। फुटबॉल दुनिया का प्रत्येक देश खेलता है। इसको खेलने के लिए 11 खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है। इसमें फुटबॉल नामक बॉल होती है। 2.  क्रिकेट (Cricket) – क्रिकेट खेल में 11 खिलाड़ी होते है। यह खासकर एशियाई देशों में ज्यादा लोकप्रिय है। भारत क्रिकेट खेल का सिरमौर है। क्रिकेट बेट और बॉल का खेल है। 3.  हॉ...

सर्वनाम किसे कहते हैं | Sarvanam kise kahate hain | Sarvanam kya hai | सर्वनाम की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण सहित संपूर्ण जानकारी | सर्वनाम किसे कहते हैं?इसके भेद और परिभाषा उदाहरण के साथ।(sarvanam kise kehte hain)|

  नमस्कार दोस्तों,  दोस्तो आज के इस post में आपका स्वागत है।आज के पोस्ट के माध्यम से हमलोग सर्वनाम किसे कहते है?इसके भेद, प्रकारों को परिभाषाओं के माध्यम से उदाहरण के साथ जानेंगे।अगर आपको भी जानना है कि सर्वनाम किसे कहते हैं? तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े।     सर्वनाम किसे कहते है? (sarvanam kise kehte hain) दोस्तो हिंदी भाषा में किसी वाक्य को को बोलते समय किसी के नाम का प्रयोग करते है इन नामों को संज्ञा कहा जाता हैं। सर्वनाम परिभाषा और भेद अब कुछ ऐसे भी शब्द है जिनका प्रयोग संज्ञा के बदले या संज्ञा के स्थान पर किया जाता।अतः ''वाक्य में प्रयुक्त वे शब्द जिनका प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, उन शब्दों को  सर्वनाम  कहा जाता है।'' * संज्ञा किसे कहते हैं सम्पूर्ण जानकरी * सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है? उपर हमने सर्वनाम किसे कहते है? ये तो जान लिया लेकिन सवाल ये है कि जब संज्ञा है तो फिर सर्वनाम की आवश्यकता क्यों है?या फिर ये की संज्ञा के बदले सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है?तो आइए इसका जवाब जानते है। सर्वनाम क...

एटीएम क्या है | एटीएम कार्ड क्या है | atm se paise kaise nikale | atm machine kya hain |

  नमस्कार दोस्तो, आज इस इस पोस्ट में हम आप को बताएंगे atm se paise kaise nikale यदि आप के पास भी अपना खुद का atm कार्ड है और आप को पता नही है एटीएम से पैसे कैसे निकालते है तो आप बिलकुल सही जगह पर है। आजकल हर किसी के पास एटीएम कार्ड होता है लेकिन हर किसी को एटीएम से पैसे निकालने के बारे में पता नहीं होता, ऐसे में उन्हें एटीएम से पैसे निकालते समय दुसरो की मदद लेनी पड़ती है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है तो अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको ATM Se Paise Kaise Nikale इसके बारे में हम आप को step by स्टेप हिंदी में बताने वाले है। आपको यह बात तो पता ही होगा आज से पहले बैंक से पैसे निकालने के लिए हमें बैंक की शाखा में जाकर पैसे लेनी पड़ती थी। और इसके लिए हमे एक फॉर्म भी भरना पड़ता था उसके बाद जब उस फॉर्म को हम अपने बैंक शाखा में जाकर जमा करते थे तब जाकर हमे हमारी पैसे दी जाती थी। और इस प्रक्रिया में बैंक से पैसे निकालने में बहुत ज्यादा समय भी हमारा बर्बाद होता था। लेकिन इस प्रक्रिया में जिस दिन बैंक बंद होता था उस दिन हम बैंक से पैसे नहीं निकाल पाते थे। लेकिन अभी ...