Skip to main content

Motivational Moral story in Hindi .कुम्हार की कथा हिंदी कहानी।


हेल्लो दोस्तों ,

             
       



      आज में आपके लिए एक कहानी लेकर आया हु जो आपको बहुत motivate करेगी और आपको अच्छी भी लगेगी जिससे आप बहुत कुछ सिख सकते हो ।


कुम्हार की कथा  


कुम्हार की कथा


कई सालों पहले की बात है। एक गांव में युधिष्ठिर नाम का एक कुम्हार रहा करता था। दिन में वह मिट्टी के बर्तन बनाता था और जो भी पैसे मिलते थे, उनसे शराब खरीद कर पी लेता।
एक रात वह शराब के नशे में अपने घर लौट रहा था। वह इतना नशे में था कि ठीक से चल भी नही पा रहा था। अचानक उसका पैर लड़खड़ाया और वह जमीन पर गिर पड़ा। जमीन पर कांच के टुकड़े पड़े थे, जिनमें से एक टुकड़ा उसके माथे में घुस गया। उसके माथे से खून बहने लगा। इसके बाद कुम्हार किसी तरह उठा और अपने घर की ओर चल दिया।
अगले दिन जब उसे होश आया तो वह वैद्य के पास गया और पट्टी करवाकर दवाई ली। वैद्य ने कहा, “घाव गहरा होने के कारण इसे भरने में समय लगेगा। पूरा भर जाने के बाद भी इस घाव का निशान नहीं जाएगा।”
इसके बाद कई दिन बीत गए। अचानक उसके गांव में सूखा पड़ गया। सभी लोग गांव छोड़ कर जाने लगे। कुम्हार ने भी गांव छोड़ कर जाने का फैसला किया और दूसरे देश की तरफ निकल गया।

यह भी पढ़े  :-





नए देश में जाकर वह राजा के दरबार में नौकरी मांगने गया। वहां राजा ने उसके माथे पर चोट का निशान देखा और सोचा, यह जरूर कोई पराक्रमी योद्धा होगा और दुश्मन से लड़ते समय इसके माथे पर चोट लगी होगी। यह सोचकर राजा ने उसे अपने दरबार में एक खास जगह दे दी और उस पर विशेष ध्यान देने लगे। यह देख कर राजा के दरबार में मौजूद राजकुमार, सेनापति और अन्य मंत्री उससे जलने लगे।
ऐसा कई दिनों तक चलता रहा। एक दिन शत्रुओं ने राजा के महल पर हमला कर दिया। राजा ने अपनी पूरी सेना को युद्ध के लिए तैयार किया। उसने युधिष्ठिर से भी युद्ध में जाने के लिए कहा। युधिष्ठिर जब युद्ध भूमि की तरफ जा रहा था तो राजा ने उससे पूछा कि उसके माथे पर यह चोट किस युद्ध में लगी।
इसपर कुम्हार ने सोचा कि अब वह राजा का भरोसा जीत चुका है और अब अगर वह राजा को सच बता देगा तो कोई समस्या नहीं होगी। यह सोच कर उसने राजा ने कहा, “राजन, मैं कोई योद्धा नहीं हूं। मैं तो एक साधारण-सा कुम्हार हूं। यह चोट मुझे किसी युद्ध में नहीं, बल्कि शराब पीकर गिरने के कारण लगी थी।”
कुम्हार की यह बात सुनकर राजा को बहुत गुस्सा आया। उसने कहा, “तुमने मेरा विश्वास तोड़ा है और मुझे छल कर दरबार में इतना ऊंचा पद पाया है। निकल जाओ मेरे राज्य से।” कुम्हार ने राजा से बहुत मिन्नतें की, उसने कहा कि अगर उसे मौका मिले, तो वह युद्ध में राजा के लिए प्राण भी दे सकता है।
राजा ने कहा, “तुम चाहे जितने भी वीर और पराक्रमी हो, लेकिन तुम शूरवीरों के कुल से नहीं हो। तुम्हारी हालत शेरों के बीच रहने वाले उस गीदड़ की तरह है, जो हाथी से लड़ने की जगह उससे दूर भागने की बात करता है। मैं तुम्हे जाने दे रहा हूं, लेकिन अगर राजकुमारों को तुम्हारा राज पता चल गया, तो वो तुम्हें मार डालेंगे। इसलिए, कहता हूं कि अपनी जान बचाओ और भाग जाओ।” कुम्हार ने राजा की बात मानी और तुरंत उस राज्य को छोड़ कर चला गया।

कहानी से सीख -

इस कहानी से यह सीख मिलती है कि इंसान की असलियत ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकती, एक न एक दिन राज खुल ही जाता है।



          Thanks 👍

Comments

Popular posts from this blog

Games Name in Hindi. भारत के प्रमुख खेलों के नाम।

Hello Friends ,                 प्रसिद्ध खेलों के नाम Games Name In Hindi- यह आर्टिकल  Games Name In Hindi  खेलों के नाम (Sports Name In Hindi) और उनके बारे में सामान्य जानकारी पर है। दुनिया में कई प्रकार के गेम्स है जो व्यापक स्तर पर खेले जाते है। खेलों से मानसिक और शारीरिक विकास होता है। खेल इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के होते है। खेलों में टीम या व्यक्तिगत स्पर्धा भी होती है। तो आइए कुछ प्रसिद्ध गेम के नाम (Games Ke Naam) जानने का प्रयास करते है। खेलों के नाम Games Name In Hindi भारत के प्रमुख खेलों के नाम 1.   फुटबॉल   (Football) – यह दुनिया का सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल है। फुटबॉल दुनिया का प्रत्येक देश खेलता है। इसको खेलने के लिए 11 खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है। इसमें फुटबॉल नामक बॉल होती है। 2.  क्रिकेट (Cricket) – क्रिकेट खेल में 11 खिलाड़ी होते है। यह खासकर एशियाई देशों में ज्यादा लोकप्रिय है। भारत क्रिकेट खेल का सिरमौर है। क्रिकेट बेट और बॉल का खेल है। 3.  हॉ...

सर्वनाम किसे कहते हैं | Sarvanam kise kahate hain | Sarvanam kya hai | सर्वनाम की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण सहित संपूर्ण जानकारी | सर्वनाम किसे कहते हैं?इसके भेद और परिभाषा उदाहरण के साथ।(sarvanam kise kehte hain)|

  नमस्कार दोस्तों,  दोस्तो आज के इस post में आपका स्वागत है।आज के पोस्ट के माध्यम से हमलोग सर्वनाम किसे कहते है?इसके भेद, प्रकारों को परिभाषाओं के माध्यम से उदाहरण के साथ जानेंगे।अगर आपको भी जानना है कि सर्वनाम किसे कहते हैं? तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े।     सर्वनाम किसे कहते है? (sarvanam kise kehte hain) दोस्तो हिंदी भाषा में किसी वाक्य को को बोलते समय किसी के नाम का प्रयोग करते है इन नामों को संज्ञा कहा जाता हैं। सर्वनाम परिभाषा और भेद अब कुछ ऐसे भी शब्द है जिनका प्रयोग संज्ञा के बदले या संज्ञा के स्थान पर किया जाता।अतः ''वाक्य में प्रयुक्त वे शब्द जिनका प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, उन शब्दों को  सर्वनाम  कहा जाता है।'' * संज्ञा किसे कहते हैं सम्पूर्ण जानकरी * सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है? उपर हमने सर्वनाम किसे कहते है? ये तो जान लिया लेकिन सवाल ये है कि जब संज्ञा है तो फिर सर्वनाम की आवश्यकता क्यों है?या फिर ये की संज्ञा के बदले सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है?तो आइए इसका जवाब जानते है। सर्वनाम क...

एटीएम क्या है | एटीएम कार्ड क्या है | atm se paise kaise nikale | atm machine kya hain |

  नमस्कार दोस्तो, आज इस इस पोस्ट में हम आप को बताएंगे atm se paise kaise nikale यदि आप के पास भी अपना खुद का atm कार्ड है और आप को पता नही है एटीएम से पैसे कैसे निकालते है तो आप बिलकुल सही जगह पर है। आजकल हर किसी के पास एटीएम कार्ड होता है लेकिन हर किसी को एटीएम से पैसे निकालने के बारे में पता नहीं होता, ऐसे में उन्हें एटीएम से पैसे निकालते समय दुसरो की मदद लेनी पड़ती है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है तो अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको ATM Se Paise Kaise Nikale इसके बारे में हम आप को step by स्टेप हिंदी में बताने वाले है। आपको यह बात तो पता ही होगा आज से पहले बैंक से पैसे निकालने के लिए हमें बैंक की शाखा में जाकर पैसे लेनी पड़ती थी। और इसके लिए हमे एक फॉर्म भी भरना पड़ता था उसके बाद जब उस फॉर्म को हम अपने बैंक शाखा में जाकर जमा करते थे तब जाकर हमे हमारी पैसे दी जाती थी। और इस प्रक्रिया में बैंक से पैसे निकालने में बहुत ज्यादा समय भी हमारा बर्बाद होता था। लेकिन इस प्रक्रिया में जिस दिन बैंक बंद होता था उस दिन हम बैंक से पैसे नहीं निकाल पाते थे। लेकिन अभी ...