Skip to main content

प्रेम की महिमा कहानी । Story of Love Glory.

हेल्लो दोस्तों ,

         आज आपके लिए में एक अच्छी सी कहानी लेकर आया हूँ। जिससे आपको बहुत कुछ सिखने को मिलेगा और आप कहानी से बहुत आनंदित होंगे और आपको बहुत अच्छी सिख मिलेगी तो चलिये आपको कहानी की और ले चलते है।

                      प्रेम की महिमा

पुराने समय की बात है एक शहर के आस पास के जंगलो में एक भेडिये का इतना आतंक छाया हुआ था कि वंहा कोई रास्ता चलने का साहस भी नहीं करता था । वह अनेक मनुष्यों और जानवरों को मार चुका था । अंत में उस शहर के एक महान संत फ्रास्वा ने उस भयानक जानवर का सामना करने की ठानी । वे शहर के से बाहर निकले तो उनके पीछे स्त्री और पुरुषों की बहुत भीड़ थी ।

प्रेम की महिमा

जैसे ही संत जंगल के समीप पहुंचे वैसे ही भेडिये ने उनकी तरफ रुख किया और उनकी और लपका । तभी संत ने उसकी और एक शांतिपूर्वक ऐसा संकेत किया कि भेड़िया ठंडा होकर संत के पैरो के पास ऐसे लोट गया जैसे कोई भेड़ का बच्चा हो । तभी संत ने उसे संबोधित किया ” कि देख भाई तूने इस शहर को बहुत हानि पहुंचाई है और बहुत उत्पात किया है इस वजह से तू बाकी अपराधियों की तरह दंड का अधिकारी है और इस शहर के लोग तुमसे बहुत घृणा करते है । परन्तु यदि तेरे और इस शहर में रहने वाले मेरे मित्रो के बीच मैत्री स्थापित हो जाये तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी । भेडिये ने अपना सिर झुका लिया और पूँछ हिलाने लगा ।”

इस पर संत ने फिर से कहा ”  देख भाई मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि अगर तू इन लोगो के साथ शांतिपूर्वक रहना स्वीकार करता है तो ये लोग भी तेरे साथ बेहद अच्छा बर्ताव करेंगे और साथ ही तेरे लिए खाने की भी व्यवस्था कर देंगे । ” क्या तू ये प्रतिज्ञा करता है ? इस पर भेडिये ने अपना सिर पूरी तरह झुका लिया और संत के हाथ पर अपना पंजा रख दिया ।

*  कीमती पत्थर की कहानी  भी पढ़ने के             लिए Click कीजिये 

* Story of precious Stone

संत उसे शहर के बीचो बीच ले गये और सबके सामने एक बार फिर भेडिये से ये बात कही तो भेडिये ने पहले की तरह संत के हाथ पर हाथ रख दिया और उसके बाद वो भेड़िया दो साल तक उस शहर में रहा और उसने किसी को कोई हानी नहीं पहुंचाई इस पर उसके मरने पर भी लोगों को बहुत दुःख हुआ लेकिन फिर भी वो लोग हेरान थे कि ऐसा खूंखार जानवर ने अपनी प्रवृति किस तरह बदल ली ।
उसे  जिसने बदल दिया उसके अंदर एक चीज़ थी ये किसी ने नहीं जाना । ये संत फ्रांस्वा का प्रेम पूर्ण बर्ताव था जिसने उसे बदल दिया और प्रेम की महिमा इसी को तो कहते है ।

कहानी से हमे सीख मिलती है कि किसी भी तरह के बुरे इन्सान जो अपने स्वभावत: बुरा होता है उसे हम अपने अच्छे बर्ताव से बदल सकते है अगर हम ऐसा करना चाहें तो क्योंकि वो लोग जो समाज के विरोध में सोचते है उन्हें समाज से बाहर तिरस्कृत करने से कोई समस्या हल नहीं हो जाती है जरुरत है तो बस उनसे और अधिक प्रेमपूर्वक बर्ताव की जिस से हम उनकी जिन्दगी बदल सकते है ।

तो आपको केसी लगी हमारी कहानी comment box  में  comment करके बताये और इसके अलावा भी बहुत सारी कहानी है जो में आपको बताऊंगा और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।


          Thanks👍

Comments

Popular posts from this blog

Games Name in Hindi. भारत के प्रमुख खेलों के नाम।

Hello Friends ,                 प्रसिद्ध खेलों के नाम Games Name In Hindi- यह आर्टिकल  Games Name In Hindi  खेलों के नाम (Sports Name In Hindi) और उनके बारे में सामान्य जानकारी पर है। दुनिया में कई प्रकार के गेम्स है जो व्यापक स्तर पर खेले जाते है। खेलों से मानसिक और शारीरिक विकास होता है। खेल इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के होते है। खेलों में टीम या व्यक्तिगत स्पर्धा भी होती है। तो आइए कुछ प्रसिद्ध गेम के नाम (Games Ke Naam) जानने का प्रयास करते है। खेलों के नाम Games Name In Hindi भारत के प्रमुख खेलों के नाम 1.   फुटबॉल   (Football) – यह दुनिया का सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल है। फुटबॉल दुनिया का प्रत्येक देश खेलता है। इसको खेलने के लिए 11 खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है। इसमें फुटबॉल नामक बॉल होती है। 2.  क्रिकेट (Cricket) – क्रिकेट खेल में 11 खिलाड़ी होते है। यह खासकर एशियाई देशों में ज्यादा लोकप्रिय है। भारत क्रिकेट खेल का सिरमौर है। क्रिकेट बेट और बॉल का खेल है। 3.  हॉ...

हलंत क्या है परिभाषा और उदाहरण । What is Halant , defination & example.

हेल्लो दोस्तों ,              आज आपको हम एक बहुत ही अच्छे Topic के बारे में बताने वाले है ।जिसका आप हिंदी वर्णमाला बहुत की कम उपयोग करते है हिंदी वर्णमाला में लिखते समय किसी भी तरह की गलती न हो इसके लिए हम इसका भी use करते है । आपको हमने पिछले topic में अनुस्वार विंदु , अनुनासिक चंद्रबिंन्दु के बारे में बताया है । अब आपको इस topic में हलंत के बारे में बताया जायेगा । * हिंदी वर्णमाला में हलंत क्या होता है । हलंत क्या है * हलंत की परिभाषा क्या है । तथा इसके क्या उदाहरण है । * हिंदी वर्णमाला में हलंत का Use यानिकी उपयोग कहा किया जाता है।  तो अब हम बात करते है अपने topic की  की हलंत क्या होता है। हलंत की परिभाषा - जब कभी व्यंजन का प्रयोग स्वर से रहित किया जाता है तब उसके नीचे एक तिरछी रेखा (्) लगा दी जाती है।यह रेखा हल कहलाती है।हलयुक्त व्यंजन हलंत वर्ण कहलाता है।जैसे-विद् या। हलंत किसी वर्ण के आधे होने का एक सूचक चिह्न है, जो उस वर्ण के नीचे लगाया जाता है, जैसे- पश्चात्। या शुद्ध व्यंजन जिसके उच्चारण में स्वर न मि...

भाषा किसे कहते हैं तथा इसके कितने भेद है | मौखिक भाषा क्या हैं | लिखित भाषा क्या है | मौखिक भाषा और लिखित भाषा में अंतर |

  नमस्कार दोस्तों,                आज हम बात करेंगे भाषा के बारे में ,की भाषा क्या होती है ,इसके कितने भेद है । आज हम इन सभी Topic के बारे में बहुत ही आसानी से समझेंगे । और लिखित भाषा और मौखिक भाषा में अंतर भी जानेंगे ।तो चलिए हम बात करेंगे अपने Topic की जिसे आप अच्छे से समझ जाओगे  * भाषा किसे कहते हैं ?  भाषा वह साधन है जिसके द्वारा हम अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं और इसके लिये हम वाचिक ध्वनियों का प्रयोग करते हैं। भाषा किसे कहते हैं भाषा' शब्द संस्कृत के ' भाष् ' धातु  से बना है जिसका अर्थ है बोलना SPEAK  या कहना अर्थात् भाषा वह है जिसे बोला जाय।   * संज्ञा किसे कहते हैं। भाषा, मुख  से उच्चारित होने वाले शब्दों और वाक्यों आदि का वह समूह है जिनके द्वारा मन की बात बताई जाती है। किसी भाषा की सभी ध्वनियों के प्रतिनिधि स्वर एक व्यवस्था में मिलकर एक सम्पूर्ण भाषा की अवधारणा बनाते हैं।  सामान्यतः भाषा को वैचारिक आदान-प्रदान का माध्यम कहा जा सकता है। भाषा आभ्यंतर अभिव्यक्ति का सर्वाधिक विश्वसनीय माध्यम है। ...